
सुप्रीम कोर्ट में आज नीट परीक्षा के मामले पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट कुल 38 अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है, जिनपर सुप्रीम कोर्ट एक साथ सुनवाई करेगा। याचिकाओं में बीते पांच मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी और कदाचार का आरोप और परीक्षा को फिर से आयोजित करने का निर्देश देने वाली याचिकाएं शामिल हैं
शुक्रवार को केंद्र सरकार और एनटीए ने कोर्ट में कहा था कि गोपनीयता भंग होने के किसी साक्ष्य के बिना इस परीक्षा को रद्द करने बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ परीक्षा से जुड़ी 38 याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी।
एनटीए ने इसी साल पांच मई को परीक्षा आयोजित की थी जिसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद से ही इसपर सवाल उठने लगा और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे देश में छात्रों ने हंगामा किया। इसके बार परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालतों में मामले दायर किए गए। परीक्षा में हुई धांधली की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया है।
नीट धांधली पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले रविवार को छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और एनटीए को बर्खास्त करने की मांग की. जंतर मंतर पर AISA, AIDSO और KYS समेत कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट NTA की परीक्षा प्रक्रिया के आपराधिक ढांचे को ध्यान में रखेगा और शिक्षा मंत्री से वास्तविक जिम्मेदारी की मांग करेगा. NEET परीक्षा दोबारा होनी चाहिए और NTA को खत्म किया जाए. इसके अलावा छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.