पांच परिक्रमा लगाने के बाद हुई आतिशबाजी

न्यूज़ बॉक्स संवाददाता
वाराणसी :वाराणसी में धूमधाम से शनिवार को भी प्रतिमा विसर्जन किया गया। देवनाथपुर में स्थापित मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन करने से पहले महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई। आंखें नम, माता का जयकारा, चेहरे पर सिंदूर की लाली। शनिवार को मां दुर्गा की विदाई के समय कुछ ऐसा ही नजारा था। गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की ओर से शनिवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन हुआ। प्रतिमा स्थल से विसर्जन स्थल के बीच की ढाई किलोमीटर की दूरी को तय करने में दो घंटे 47 मिनट का समय लग गया। शनिवार शाम छह बजे देवनाथपुरा की पांच फीट की पतली गलियों से होकर मां की प्रतिमा को सड़क तक लाया गया।
महिलाओं ने सिंदूर खेला की परंपरा निभाई। नम आंखों से माता के आंचल में खोइंचा भरने की रस्म निभाई गई। बेटी की तरह मां को विदाई देते समय महिलाओं की आंखें नम हो उठीं। सभी ने दोनों हाथ जोड़कर माता से अगले साल फिर से आने की प्रार्थना की। इसके बाद वाहन पर सवार कर माता की प्रतिमा को विसर्जन के लिए रवाना किया गया।केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया है। हम लोगों ने इस बार पहली बार ईश्वरगंगी पोखरे में प्रतिमाओं को डिप कर बाहर निकाला है। प्रतिमाओं की माला और शस्त्रों को पहले ही बाहर निकाल दिया गया।